2023 वर्ष भी समाप्त हुआ, और आ गए हैं 2024। यह साल घर, समाज, देश, विदेश सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। यह वर्ष अमेरिका में क्रिकेट के विश्व कप से लेकर चौसठ देशों के राष्ट्रीय चुनाव तक, बहुत घटनाओं का साक्षी रहने वाला है। कुल मिलाकर इतना समझिए कि न्यूज़मेकर, टिप्पणीकार और सोशल मीडियाई जमात के लिए बहुत व्यस्त रहने वाला साल होगा।
चुनावी साल: यदि इस साल को चुनावी साल कहें तो गलत नहीं होगा। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका सहित विश्व के चौसठ देश अपनी सरकार चुनेंगे। अनेक चुनौतियों से जूझ रहे यूरोपियन संघ और यूक्रेन जैसे देश भी अपना भविष्य तय करेंगे। अमेरिका और भारत की विशेष तौर पर बात करें तो हालत एकदम उलट है, भारत में मोदी सरकार की वापसी लगभग तय है और यदि कुछ अप्रत्याशित नहीं हुआ तो मोदी फिर राज करेंगे। वहीं अमेरिका में बाईडेन सरकार की वापसी लगभग असंभव है। बाईडेन बेहद कमज़ोर राष्ट्रपति रहे हैं और उनके समर्थक भी उनकी आलोचना कर रहे हैं। ब्रिटेन में ऋषि सूनक की वापसी मुझे तो असंभव दिखती है, लेकिन देखते हैं क्या होता है।
एक जनवरी को इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब एमिराट ब्रिक्स के सदस्य हो जाएँगे। विकासशील देशों का यह संगठन लगभग विश्व के पचास प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करेगा। ईरान और अरब जैसे धुर विरोधी देशों का इस संगठन में आना वैश्विक शांति के लिए अच्छा होगा या नहीं वह भविष्य के गर्त में है।
कला और संस्कृति के हिसाब से भी 2024 महत्वपूर्ण होगा। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण से लेकर कई ऐसी घटनाएँ होंगी जो भविष्य पर अपना प्रभाव छोड़ेंगी। अयोध्या श्री राम मंदिर सिर्फ़ मंदिर नहीं, बल्कि वह एक ऐसी सांस्कृतिक जागृति का प्रतिनिधि प्रतीक चिन्ह बनेगा जिसके बाद विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता का सामाजिक पुनर्जागरण होगा। वर्ष 2024 में अयोध्या देश का सबसे महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र होगा। आशा है अयोध्याधाम में भव्य श्री राम मंदिर निर्माण के बाद काशी और मथुरा की मुक्ति के प्रयास भी तेज होंगे।
सभी को 2024 की शुभकामनाएँ।





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