जय सिया राम, का भाई देव बाबा और एक ब्लॉग बनाए? हाँ भैया, भाई ब्लॉग तो तुम तमाम बनाए देते हो लेकिन लिखते कहाँ हो? हमारे शिवम भैया ठीक ही कहते हैं कि निरंतरता के अभाव में वेबसाईट दम तोड़ देती हैं। हाँ उनकी बात सही है लेकिन समयाभाव और पिछले तीन चार साल से अपनी स्थिति से जूझते हुए, लिखने पढ़ने का अभ्यास छूट सा गया था। और फिर यान्त्रिक सी हो चली जीवन चर्या में ब्लॉग पर आ पाना असंभव ही लग रहा था। लेकिन फ़िलहाल, देर से ही सही लेकिन हम आ गए हैं। सो देव बाबा के समस्त भक्त जनों को प्रणाम…. आज इस ब्लॉग की शुरुआत की गई है और आशा है इसपर निरंतरता का अनुशासन बना रहेगा।
इस ब्लॉग में मेरे साथ कई अन्य सहयोगी भी जुड़ेंगे और हम साहित्य, किताबों की चर्चा विमर्श भी करेंगे। सोशल मीडिया की उठापटक से दूर कुछ सृजनात्मक चर्चा करने का प्रयास रहेगा। देव बाबा के जीवन में मानस पाठ दैनिक अभ्यास का हिस्सा है तो यहाँ भी मानस से जुड़ी हुई कथाओं का पाठ होगा। थोड़ी बहुत तकनीक की बातें भी करेंगे, कुछ बातें समसामयिक विषयों पर भी होंगी, देव बाबा की चाय पर चर्चाओं की भी चर्चाएँ भी होंगी।
आपके सहयोग और समय के लिये आभार रहेगा।


Leave a reply to शिवम मिश्रा Cancel reply